नई दिल्ली । मस्तिष्क विकारों के इलाज को बदल सकने वाली एक खोज में वैज्ञानिकों ने दिखाया है कि ग्राफिटिक कार्बन नाइट्राइड (g-C₃N₄) नामक विशेष नैनोमटेरियल बिना इलेक्ट्रोड, लेज़र या चुंबक की आवश्यकता के मस्तिष्क कोशिकाओं को उत्तेजित कर सकता है।
मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि निष्कर्ष बताते हैं कि ग्राफिटिक कार्बन नाइट्राइड न्यूरॉन्स को बढ़ने, परिपक्व होने और अधिक प्रभावी ढंग से संवाद करने में मदद करता है—वह भी मस्तिष्क की अपनी विद्युत गतिविधियों का उपयोग करके।
विशेष रूप से, इस पदार्थ ने प्रयोगशाला में तैयार मस्तिष्क जैसी कोशिकाओं में डोपामाइन के उत्पादन को बढ़ाया और पशु मॉडल में पार्किंसंस रोग से जुड़ी हानिकारक प्रोटीन को कम किया।
नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (INST) के वैज्ञानिकों द्वारा पहचाना गया यह ग्राफिटिक कार्बन नाइट्राइड स्वाभाविक रूप से न्यूरॉन्स से “संवाद” करने में सक्षम है।
जब इसे तंत्रिका कोशिकाओं के पास रखा जाता है, तो यह मस्तिष्क के वोल्टेज संकेतों के जवाब में सूक्ष्म विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है।
ये विद्युत क्षेत्र न्यूरॉन्स पर कैल्शियम चैनल खोलते हैं, जिससे वृद्धि होती है और कोशिकाओं के बीच संबंध बेहतर होते हैं—वह भी बिना किसी बाहरी उपकरण के।
वैश्विक जनसंख्या के वृद्ध होने के साथ अल्ज़ाइमर और पार्किंसंस जैसी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं।
इस समस्या का समाधान खोजने के लिए INST के शोधकर्ताओं ने इस अर्धचालक पदार्थ का चयन किया।
यह जैव-संगत नैनोमटेरियल, जो मस्तिष्क कोशिकाओं को उत्तेजित करने और रोग-संबंधी प्रोटीन को कम करने में सक्षम है, लाखों लोगों के लिए एक संभावित गैर-आक्रामक उपचार प्रदान करता है।
यह शोध ऊतक इंजीनियरिंग के लिए अर्धचालकों के चिकित्सीय अनुप्रयोगों की दिशा में एक नया रास्ता खोलेगा, जो मस्तिष्क की चोटों के इलाज या अल्ज़ाइमर और पार्किंसंस जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के प्रबंधन में मदद कर सकता है।


