भावनगर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत के समुद्री तट राष्ट्र की समृद्धि के द्वार बनेंगे।
उन्होंने गुजरात के भावनगर में आयोजित ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम में समुद्री क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 34,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्धघाटन किया और आधारशिला रखी।
मोदी ने मुंबई के इंदिरा डॉक पर अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनल का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने कोलकाता, पारादीप, टुना टेकड़ा, एन्नोर, चेन्नई, कार निकोबार, कांडला, पटना और वाराणसी में कई बड़े बंदरगाह और तटीय परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।
प्रधानमंत्री ने गुजरात में केंद्र और राज्य सरकार की 26,354 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने एक बड़े नीतिगत सुधार की घोषणा की, जिसके तहत बड़े जहाजों को अब ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ का दर्जा दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि अब शिपबिल्डिंग कंपनियों को बैंकों से कर्ज लेना आसान होगा और उन्हें कम ब्याज दरों का लाभ मिलेगा। मोदी ने जोर देकर कहा कि यह फैसला भारतीय शिपिंग कंपनियों पर वित्तीय बोझ कम करेगा और उन्हें वैश्विक बाजार में अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने में मदद करेगा।
भारत को एक प्रमुख समुद्री शक्ति बनाने के लिए सरकार तीन बड़ी योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले वर्षों में इन योजनाओं में 70,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि जहाज निर्माण के लिए आवश्यक कौशलों को मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) इस पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और मरीन यूनिवर्सिटी का योगदान भी और अधिक बढ़ाया जाएगा।


