नई दिल्ली । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ एक संतुलित मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं, जिससे दोनों पक्षों के व्यवसायों और उपभोक्ताओं को लाभ होगा।
उन्होंने यह बात ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एसीएमए) के 65वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि एक ‘संपूर्ण सौदे’ की खोज को प्रगति का शत्रु नहीं बनने देना चाहिए और इस बात पर जोर दिया कि जिस दिशा में वार्ताएँ आगे बढ़ रही हैं, वह बेहद सकारात्मक है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रक्रिया से खुलने वाली संभावनाएँ बहुत व्यापक हैं और यह व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा गहन आर्थिक सहयोग के नए अवसर खोलेगी।
उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि ऑटोमोटिव कंपोनेंट क्षेत्र जैसी साहसी और दूरदर्शी उद्योग, भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी के अंतर्गत तैयार किए जा रहे प्रावधानों को आकर्षक और संभावनाओं से भरा हुआ पाएगा।
उन्होंने रेखांकित किया कि इस क्षेत्र ने लगातार लचीलापन और दूरदर्शिता का परिचय दिया है—न केवल भारत के घरेलू विनिर्माण आधार को समर्थन देकर बल्कि वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत होकर भी।


