नई दिल्ली । 1 August 2025 से आम उपभोक्ता की ज़िंदगी में तीन अहम बदलाव लागू हो चुके हैं। एक तरफ जहां 19 किलो का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सस्ता हुआ है, वहीं दूसरी ओर हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। इसके साथ ही, डिजिटल भुगतान को लेकर UPI (यूपीआई) में भी कई नए नियम आज से लागू कर दिए गए हैं। ये तीनों फैसले सीधे तौर पर आम लोगों और कारोबारियों की जेब व जीवनशैली को प्रभावित करते हैं।
गैस सिलेंडर हुआ सस्ता, राहत कारोबारियों को
आज से 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹34.50 तक सस्ता हो गया है। इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल ने नई कीमतें आज सुबह से लागू कर दी हैं। यह कटौती देशभर में अलग-अलग राज्यों और शहरों के हिसाब से है, लेकिन औसतन कीमत में ₹30 से ₹34.50 तक की राहत मिली है।
उदाहरण के लिए:
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दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹1,618.50 हो गई है, जबकि पहले यह ₹1,653 में मिल रहा था।
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मुंबई में यह सिलेंडर अब ₹1,571 का हो गया है।
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कोलकाता में ₹1,720 और चेन्नई में ₹1,740 की नई दरें लागू की गई हैं।
इस कटौती से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और फूड कारोबार को सीधी राहत मिलेगी। हालांकि, यह कटौती घरेलू 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर पर लागू नहीं है। उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
तेल कंपनियों ने इस कटौती के पीछे अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों में आई गिरावट को कारण बताया है। हालांकि, इसमें कितनी स्थिरता रहेगी, यह आने वाले महीनों में वैश्विक बाज़ार की चाल पर निर्भर करेगा।
हवाई यात्रा हो सकती है महंगी, ATF की कीमतों में इजाफा
1 अगस्त से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में फिर से वृद्धि की गई है। इससे भारत में हवाई यात्रा महंगी हो सकती है।
एविएशन सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि से एयरलाइंस की परिचालन लागत (operating cost) बढ़ेगी। यदि यह ट्रेंड कुछ हफ्तों तक बना रहा, तो कंपनियां टिकटों की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं या फिर फ्यूल सरचार्ज जोड़ सकती हैं।
वर्तमान में फ्यूल की कीमतें वैश्विक बाज़ार में अस्थिर बनी हुई हैं। रूस-यूक्रेन और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर ATF पर पड़ता है।
भारत की प्रमुख एयरलाइंस कंपनियां जैसे इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट और विस्तारा इस लागत बढ़ोतरी को लंबी अवधि तक अकेले नहीं झेल सकतीं। टिकट की कीमतें पहले से ही जुलाई में 10-12% तक बढ़ चुकी हैं, और अब यह दर और बढ़ सकती है।
UPI के नए नियम आज से लागू: सुरक्षा पहले
1 अगस्त 2025 से यूपीआई (Unified Payments Interface) को लेकर कई नए नियम लागू हो गए हैं। इन नियमों का मकसद बढ़ते साइबर फ्रॉड, अनचाहे ऑटो-डेबिट्स और बिजनेस ट्रांजेक्शन को अधिक सुरक्षित बनाना है।
नए नियमों के मुख्य बिंदु:
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₹2,000 से ऊपर के ट्रांजेक्शन पर दूसरी स्तर की पुष्टि (2FA) अब अनिवार्य है। यानी पेमेंट करने से पहले आपको या तो SMS आधारित OTP या UPI पिन से पुष्टि करनी होगी।
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ऑटो-डेबिट और सब्सक्रिप्शन भुगतान के लिए अब हर बार उपयोगकर्ता की सहमति जरूरी होगी।
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व्यापारी खातों (मर्चेंट UPI IDs) के लिए रियल-टाइम वेरिफिकेशन सिस्टम लागू किया गया है। इससे फर्जी व्यापारियों द्वारा भेजे गए लिंक को ट्रैक करना आसान होगा।
NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) के मुताबिक, ये बदलाव यूपीआई की सुरक्षा को अगले स्तर पर ले जाएंगे। बीते कुछ महीनों में यूपीआई फ्रॉड के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, खासकर QR कोड स्कैम और थर्ड पार्टी ऐप्स के जरिए ठगी के मामलों में।
मिला-जुला असर, लेकिन तैयार रहना जरूरी
आज से लागू हुए इन तीन बदलावों का आम लोगों पर मिश्रित प्रभाव पड़ेगा। जहां एक तरफ छोटे और मझौले कारोबारियों को कमर्शियल गैस के सस्ते होने से राहत मिलेगी, वहीं डिजिटल पेमेंट यूज़र्स को थोड़ी अतिरिक्त सावधानी रखनी होगी। इसके साथ ही, यात्रियों को अब हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतों का सामना भी करना पड़ सकता है।
यूपीआई में हुए बदलाव डिजिटल इंडिया को और सुरक्षित बना सकते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को नई प्रक्रिया अपनाने में थोड़ी दिक्कत आ सकती है।