अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने India पर प्रस्तावित 25% टैरिफ को फिलहाल 7 दिन के लिए टाल दिया है। यह टैरिफ अब 7 अगस्त से प्रभावी होगा। पहले यह टैक्स 1 अगस्त से लागू होना था। यह फैसला भारत की ओर से रूस से तेल और हथियार खरीदने के चलते लिया गया है। अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि भारत पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है।
पाकिस्तान को राहत, टैरिफ 29% से घटकर 19% हुआ
जहां भारत पर टैरिफ बढ़ाया गया है, वहीं पाकिस्तान को राहत दी गई है। पहले पाकिस्तान पर 29% शुल्क लगाया गया था, जिसे घटाकर अब 19% कर दिया गया है। दक्षिण एशिया में यह सबसे कम टैरिफ है। अमेरिका का यह नरम रुख पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए राहत हो सकता है।
कनाडा पर सीधे 35% टैक्स, फिलिस्तीन समर्थन बनी वजह
कनाडा पर 1 अगस्त से ही 35% टैरिफ लागू कर दिया गया है। अमेरिका का कहना है कि यह फैसला कनाडा द्वारा फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में समर्थन देने के कारण लिया गया है। यह अब तक घोषित सबसे कठोर निर्णयों में से एक माना जा रहा है।
चीन को टैरिफ से एक बार फिर छूट
नई लिस्ट में चीन का नाम नहीं है। हालांकि, मई 2025 में चीन पर 30% टैरिफ का कार्यकारी आदेश पहले ही लागू है, और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। अमेरिका का दावा है कि चीन अब अपने सामान को लाओस, म्यांमार जैसे देशों के माध्यम से भेजता है ताकि टैरिफ से बचा जा सके।
लाओस, म्यांमार और सीरिया पर सबसे अधिक 41% टैक्स
सीरिया, म्यांमार और लाओस जैसे गरीब देशों पर अमेरिका ने सबसे ज्यादा 40% से 41% टैरिफ लगाया है। अमेरिका को शक है कि चीन अपने उत्पादों को इन देशों के जरिए एक्सपोर्ट करके टैरिफ से बच रहा है। उदाहरण के तौर पर 2024 में लाओस से अमेरिका का आयात दोगुना हो गया।
अमेरिका का नया कस्टम ट्रैकिंग सिस्टम
अब हर देश की शिपमेंट पर अलग से नजर रखी जाएगी। अमेरिका का कस्टम सिस्टम अब यह पता करेगा कि किसी प्रोडक्ट की असली उत्पत्ति क्या है। अगर कोई निर्यातक किसी और देश का नाम लगाकर टैरिफ से बचने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसे तुरंत फ्लैग कर देगा।
भारत को सबसे ज्यादा नुकसान स्टील, ऑटो और टेक्सटाइल में
25% टैरिफ से भारत के स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलरी जैसे प्रमुख निर्यात सेक्टरों को सबसे ज्यादा झटका लग सकता है। ये वे सेक्टर हैं जिन पर भारत का अमेरिका के साथ भारी व्यापारिक लेनदेन होता है।
ब्रिटेन, जापान और EU को मिली कुछ राहत
ब्रिटेन पर सामान्य 10% और स्टील-एल्यूमीनियम पर 25% टैरिफ लगाया गया है। जापान पर टैरिफ को 25% से घटाकर 15% किया गया है। जापान ने इसके बदले अमेरिका में निवेश और कृषि आयात को लेकर सहयोग का वादा किया है। यूरोपीय यूनियन से जुड़े प्रोडक्ट्स पर 15% टैरिफ लगाया गया है, लेकिन 30% उत्पादों पर बातचीत अभी भी जारी है।
दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ ट्रेड डील
अमेरिका ने साउथ कोरिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ नई ट्रेड डील की है।
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साउथ कोरिया: टैरिफ 25% से घटाकर 15%, 100 अरब डॉलर की अमेरिकी ऊर्जा खरीदेगा
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इंडोनेशिया: 19% टैरिफ, लेकिन 99% अमेरिकी सामान पर कोई टैक्स नहीं
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वियतनाम और फिलीपींस: क्रमशः 20% और 19% टैरिफ
पहले से भेजा गया सामान पुराने टैरिफ पर ही टैक्स देगा
अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो भी सामान 5 अक्टूबर 2025 तक अमेरिका पहुंच जाएगा और जो पहले से ट्रांजिट में है, उस पर पुराने टैरिफ लागू होंगे। यानी वह नया टैक्स लागू होने से बच जाएगा।
भारत सरकार ने कहा- राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेंगे
भारत सरकार ने अमेरिका के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह इस टैरिफ के प्रभावों का आकलन कर रही है और देश के व्यापारिक और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
महत्वपूर्ण टाइमलाइन एक नजर में
📆 तारीख | 📝 घटना |
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2 अप्रैल | ट्रम्प द्वारा टैरिफ लगाने की घोषणा |
9 अप्रैल | 90 दिन की मोहलत दी गई |
31 जुलाई | नई टैरिफ लिस्ट जारी |
1 अगस्त | कनाडा पर टैरिफ लागू |
7 अगस्त | भारत पर टैरिफ लागू होने की नई तिथि |
5 अक्टूबर | पहले से भेजा गया माल पुरानी दर पर टैक्स देगा |
ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले से भारत को निश्चित रूप से चुनौती मिलेगी, लेकिन इससे भारत के कूटनीतिक प्रयासों की अग्निपरीक्षा भी होगी। भारत को अब अमेरिका से संतुलन बनाकर बातचीत करनी होगी ताकि आर्थिक नुकसान को कम किया जा सके और रणनीतिक रिश्ते कायम रहें।