नई दिल्ली, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत का Electronics निर्यात 47% की जोरदार बढ़त के साथ 12.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस तेज़ बढ़त के पीछे अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और चीन जैसे वैश्विक बाजारों की जबरदस्त मांग रही है, जो भारत के शीर्ष तीन निर्यात गंतव्य के रूप में उभरे हैं।
वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“यह भौगोलिक विस्तार वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में भारत के एकीकृत होने को दर्शाता है और इसे एशिया के एक विश्वसनीय वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करता है।”
शीर्ष 5 इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात गंतव्य (Q1, FY26):
देश | हिस्सेदारी (%) |
---|---|
अमेरिका | 60.17% |
यूएई | 8.09% |
चीन | 3.88% |
नीदरलैंड | 2.68% |
जर्मनी | 2.09% |
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक हालिया कार्यक्रम में बताया कि
“भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात अब 40 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, जो पिछले 11 वर्षों में 8 गुना वृद्धि है। घरेलू उत्पादन में भी 6 गुना उछाल देखा गया है।”
रेडीमेड गारमेंट्स निर्यात में भी बढ़त, अमेरिका बना बड़ा खरीदार
रेडीमेड गारमेंट्स (RMG) का निर्यात भी FY26 की पहली तिमाही में 4.19 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 3.85 अरब डॉलर था — यानी लगभग 8.83% की वृद्धि।
अमेरिका, जो पहले से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स का सबसे बड़ा आयातक है, अब गारमेंट्स क्षेत्र में भी 34.11% हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।
शीर्ष 5 RMG निर्यात गंतव्य (Q1, FY26):
देश | हिस्सेदारी (%) |
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अमेरिका | 34.11% |
यूनाइटेड किंगडम | 8.81% |
यूएई | 7.85% |
जर्मनी | 5.51% |
स्पेन | 5.29% |
तमिलनाडु का तिरुप्पुर, जिसे भारत का निटवियर हब कहा जाता है, ने भी इस दौरान RMG निर्यात में 11.7% की वृद्धि दर्ज की।
समुद्री उत्पादों के निर्यात में 19.45% की तेज़ छलांग
भारत के समुद्री उत्पादों का निर्यात भी पहली तिमाही में 19.45% बढ़कर 1.95 अरब डॉलर हो गया। वित्त वर्ष 2025 में इस श्रेणी ने कुल मिलाकर 7.41 अरब डॉलर का व्यापार किया था।
अमेरिका एक बार फिर इस क्षेत्र में भी अग्रणी आयातक रहा, जिसकी हिस्सेदारी 37.63% रही।
शीर्ष 5 समुद्री निर्यात गंतव्य (Q1, FY26):
देश | हिस्सेदारी (%) |
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अमेरिका | 37.63% |
चीन | 17.26% |
वियतनाम | 6.63% |
जापान | 4.47% |
बेल्जियम | 3.57% |
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि भारत की कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स, उन्नत गुणवत्ता नियंत्रण और वैश्विक मानकों के अनुपालन ने समुद्री उत्पाद निर्यात को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति में अमेरिका बना प्रमुख केंद्र
तीनों क्षेत्रों—इलेक्ट्रॉनिक्स, रेडीमेड गारमेंट्स और समुद्री उत्पादों—में अमेरिका की अग्रणी भूमिका स्पष्ट करती है कि भारत की वैश्विक व्यापार नीति में अमेरिका सबसे अहम साझेदार बन चुका है।
एक अधिकारी ने बताया:
“भारत की तीन प्रमुख निर्यात श्रेणियों में अमेरिका का शीर्ष स्थान यह दर्शाता है कि वह भारत का सबसे विश्वसनीय और दीर्घकालिक व्यापारिक सहयोगी बनकर उभरा है।”
भारत के निर्यात विकास की मुख्य झलकियां (Q1, FY26):
श्रेणी | निर्यात मूल्य | वृद्धि दर |
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इलेक्ट्रॉनिक्स | 12.41 अरब डॉलर | +47% |
रेडीमेड गारमेंट्स | 4.19 अरब डॉलर | +8.83% |
समुद्री उत्पाद | 1.95 अरब डॉलर | +19.45% |