नई दिल्ली । कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय का अपनी तरह का पहला एआई आधारित मौसम पूर्वानुमान कार्यक्रम इस वर्ष 13 राज्यों के लगभग 3.8 करोड़ किसानों को एम-किसान के माध्यम से मानसून पूर्वानुमान उपलब्ध करा चुका है।
यह जानकारी शुक्रवार को नई दिल्ली के कृषि भवन में हुई समीक्षा बैठक में साझा की गई।
मौसम का पूर्वानुमान चार सप्ताह पहले ही उपलब्ध हो जाता है।
एआई आधारित मॉडलों ने किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार विशेष पूर्वानुमान तैयार करना संभव बनाया, जिससे उन्हें खरीफ कृषि संबंधी निर्णयों की योजना बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन मिला।
यह अब तक का अपनी तरह का पहला लक्षित एआई मौसम पूर्वानुमान कार्यान्वयन है, जिसने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय को किसानों के प्रत्यक्ष लाभ के लिए एआई मौसम पूर्वानुमान लागू करने में विश्व स्तर पर अग्रणी बना दिया है।
यह कार्यक्रम एआई की मदद से लगातार बारिश के आगमन का अनुमान लगाता है, जिससे किसानों को योजना बनाने और जोखिम प्रबंधन करने की शक्ति मिलती है।
बैठक में नोबेल पुरस्कार विजेता और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के प्रोफेसर माइकल क्रेमर ने कहा, “यह कृषि मंत्रालय की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने लाखों किसानों को लाभान्वित किया है और भारत को किसानों की आवश्यकताओं को पूरा करने में अग्रणी पंक्ति में खड़ा कर दिया है।”


